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Class 11 Physics Chapter 7 Important Questions Hindi

निम्नलिखित में से प्रत्येक में सही उत्तर को रगंइए —

  1. एक ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान का 110 वाँ भाग है तथा इसका व्यास पृथ्वी के व्यास का आधा है। उस ग्रह पर गुरुत्वीय त्वरण है-
    1. 9.8 m s⁻²
    2. 19.6 m s⁻²
    3. 3.92 m s⁻²
    4. 4.9 m s⁻²
  2. पृथ्वी की सतह पर पलायन वेग 11.2 किमी/से है। यदि पृथ्वी का द्रव्यमान वर्तमान से दोगुना तथा त्रिज्या आधी रह जाए, तो पलायन वेग का मान क्या होगा?
    1. 44.8 किमी/से
    2. 11.2 किमी/से
    3. 5.6 किमी/से
    4. 22.4 किमी/से
  3. यदि पृथ्वी के चारों ओर वृत्ताकार कक्षा में घूमते हुए उपग्रह (satellite) का कक्षीय वेग v तथा पलायन वेग (escape velocity) ve हो, तो v/ve बराबर होता है—
    1. अनंत के
    2. 1
    3. 12
    4. 12
  4. पृथ्वी पर पलायन वेग (ve) तथा उस ग्रह पर पलायन वेग (vp) में क्या अनुपात होगा, जिसकी त्रिज्या और औसत घनत्व पृथ्वी की तुलना में दो गुने हैं?
    1. 1:4
    2. 1:22
    3. 1:2
    4. 1:2
  5. एक उपग्रह के लिए पलायन वेग 11 किमी/से है। यदि उपग्रह को ऊर्ध्वाधर से 60° के कोण पर छोड़ा जाए तो पलायन वेग होगा:
    1. 113 किमी/से
    2. 33 किमी/से
    3. 113 किमी/से
    4. 11 किमी/से
  6. किसी खोखले गोले के भीतर किसी बिंदु पर गुरुत्वीय विभव—
    1. इनमें कोई भी सही नहीं है
    2. केंद्र से बिंदु के बीच की दूरी पर निर्भर नहीं करता है
    3. केंद्र से बिंदु के बीच की दूरी का व्युत्क्रमानुपाती होता है
    4. केंद्र से बिंदु के बीच की दूरी के वर्ग का व्युत्क्रमानुपाती होता है
  7. M द्रव्यमान तथा R त्रिज्या की पृथ्वी के तल से 2R ऊँचाई पर स्थित एक वृत्ताकार कक्षा में m द्रव्यमान के किसी उपग्रह को पृथ्वी तल से प्रक्षेपित करने के लिए न्यूनतम आवश्यक ऊर्जा है-
    1. 2GmM3R
    2. GmM2R
    3. 5GmM6R
    4. GmM3R
  8. एक m द्रव्यमान की वस्तु पृथ्वी सतह पर रखी है, इसको पृथ्वी सतह से ऊँचाई h = 3R पर ले जाने पर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन होगाः
    1. 23mgR
    2. mgR2
    3. 34mgR
    4. mgR4
  9. एक पिण्ड का पृथ्वी की सतह पर भार 72 न्यूटन है। इसका भार पृथ्वी की त्रिज्या के आधी ऊँचाई (h = R/2) पर होगाः
    1. 28 न्यूटन
    2. 72 न्यूटन
    3. 32 न्यूटन
    4. 16 न्यूटन
  10. पृथ्वी की त्रिज्या लगभग 6400 km है और मंगल की त्रिज्या लगभग 3200 km है। पृथ्वी का द्रव्यमान मंगल के द्रव्यमान का लगभग 10 गुना है। पृथ्वी के पृष्ठ पर एक वस्तु का वजन 200 N है। इसका वजन मंगल के पृष्ठ पर होगाः
    1. 20 N
    2. 80 N
    3. 8 N
    4. 40 N
  11. किसी गोलाकार उपग्रह से पलायन वेग v0 है। तब किसी दूसरे उपग्रह जिसकी त्रिज्या दो गुनी हो तथा औसत घनत्व आधा हो, पलायन वेग है —
    1. 2v0
    2. 4v0
    3. 2v0
    4. v0/2
  12. हमारे सौर परिवार के अंतराग्राहिक क्षेत्र में द्रव्य के टुकड़े (ग्रहों की तुलना में, आमाप में बहुत छोटे) विद्यमान हैं जिन्हें क्षुद्रग्रह कहते हैं।
    1. ग्रहों की भाँति कक्षाओं में गति करेंगे तथा केप्लर के नियमों का पालन करेंगे।
    2. सूर्य की तुलना में बहुत कम द्रव्यमान के होने के कारण सूर्य के चारों ओर गति नहीं करेंगे।
    3. बंद कक्षाओं में सूर्य के चारों ओर गति करेंगे, परंतु केप्लर के नियमों का पालन नहीं करेंगे।
    4. अपने लघु द्रव्यमानों के कारण अनियमित ढंग से गति करेंगे तथा बाह्य अंतरिक्ष में चले जाएँगे।
  13. एक गोलीय खोल के भीतर किसी बिंदु पर क्षेत्र की तीव्रता होती है—
    1. वही जो बाहरी सतह पर
    2. अनंत
    3. शून्य
    4. इनमें कोई नहीं
  14. पृथ्वी के पृष्ठ पर किसी पिण्ड का भार 72 N है। पृथ्वी की त्रिज्या की आधी दूरी के बराबर ऊँचाई पर इस पिण्ड पर गुरुत्वाकर्षण बल कितना होगा?
    1. 48 N
    2. 32 N
    3. 30 N
    4. 32 N
  15. पृथ्वी के पृष्ठ से कितनी ऊँचाई पर गुरुत्वीय विभव और गुरुत्वीय त्वरण g के मान क्रमशः −5.4 × 10⁷ J kg⁻¹ और 6.0 m s⁻² होते हैं? (पृथ्वी की त्रिज्या 6400 कि.मी. लीजिए)
    1. 1400 कि.मी.
    2. 1600 कि.मी.
    3. 2000 कि.मी.
    4. 2600 कि.मी.
  16. गुरुत्वाकर्षण नियतांक की विमाएँ हैं —
    1. M³ L³ T³
    2. M L³ T⁻³
    3. L T⁻²
    4. M⁻¹ L³ T⁻²
  17. पृथ्वी (m = 6 × 10²⁴ kg) सूर्य के चारों ओर त्रिज्या 1.5 × 10⁸ km के एक वृत्ताकार कक्षा में 2 × 10⁻⁷ rad/s कोणीय वेग से चक्कर लगाती है। पृथ्वी पर सूर्य द्वारा लगाया गया बल (न्यूटन में) है:
    1. 36 × 10²¹
    2. 27 × 10³⁹
    3. 18 × 10²⁵
    4. शून्य
  18. खोखले गोले के भीतर गुरुत्वीय विभव—
    1. शून्य रहता है
    2. समरूप रहता है
    3. इनमें कोई नहीं
    4. समरूप नहीं रहता है
  19. अनंत संख्या की वस्तुओं में प्रत्येक का द्रव्यमान 2 kg है। ये वस्तुएँ x-अक्ष पर, मूल बिन्दु से क्रमशः 1 m, 2 m, 4 m, 8 m, … दूरी पर स्थित हैं। इस निकाय के कारण, मूल बिन्दु पर परिणामी गुरुत्वीय विभव होगाः
    1. −G
    2. −43G
    3. −4G
    4. −83G
  20. गुरुत्वीय त्वरण g और पृथ्वी का माध्य घनत्व ρ निम्न में से किस संबंध द्वारा संबंधित है? (यहाँ G = गुरुत्वाकर्षण नियतांक तथा R = पृथ्वी की त्रिज्या)
    1. ρ = 4πgR23G
    2. ρ = 3g4πGR3
    3. ρ = 4πgR33G
    4. ρ = 3g4πGR
  21. पृथ्वी के दो उपग्रहों A तथा B के वृत्तीय कक्षाओं की त्रिज्याएँ क्रमशः 4R तथा R हैं। यदि उपग्रह A की कक्षीय चाल 3V हो, तो उपग्रह B की कक्षीय चाल होगी:
    1. 12V
    2. 3V2
    3. 6V
    4. 3V4
  22. कैप्लर के तृतीय नियम के अनुसार, सूर्य की परिक्रमा करते हुए किसी ग्रह के परिक्रमण काल (T) का वर्ग, सूर्य और उस ग्रह के बीच की औसत दूरी r की तृतीय घात के समानुपाती होता है अर्थात् T2 = Kr3 जहाँ, K एक स्थिरांक है। यदि सूर्य तथा ग्रह के द्रव्यमान क्रमशः M तथा m हैं, तो न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार, इनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल का मान F=GMmr2 होता है। जहाँ, G गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक है। G तथा K के बीच सम्बन्ध है:
    1. GMK = 4π2
    2. K = 1G
    3. GK = 4π2
    4. K = G
  23. पृथ्वी को R त्रिज्या का गोला माना गया है। पृथ्वी तल से R ऊँचाई पर एक प्लेटफॉर्म बनाया गया है। इस प्लेटफॉर्म से किसी वस्तु का पलायन वेग fv है, जहाँ v पृथ्वी तल से इसका पलायन वेग है। f का मान होगा:
    1. 12
    2. 2
    3. 13
    4. 12
  24. एक m द्रव्यमान का कण पृथ्वी सतह से समान वेग v=kVe(k<1) से प्रक्षेपित किया जाता है। (Ve = पलायन वेग) कण के द्वारा सतह के ऊपर प्राप्त अधिकतम ऊँचाई है :
    1. R2k1+k
    2. R(k1+k)2
    3. R(k1−k)2
    4. Rk21−k2
  25. ‘m’ द्रव्यमान की एक वस्तु को पृथ्वी की सतह (पृष्ठ) से, उसकी त्रिज्या (R) से दो गुना ऊँचाई (h=2R) तक ले जाया जाता है। वस्तु की स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन होगाः
    1. 13mgR
    2. 23mgR
    3. mg2R
    4. 3mgR
  26. एक ग्रह की त्रिज्या पृथ्वी की त्रिज्या की दोगुनी है। दोनों का औसत द्रव्यमान-घनत्व लगभग समान है। VP तथा VE क्रमशः ग्रह तथा पृथ्वी का पलायन वेग है; तो
    1. VP=1.5VE
    2. VE=1.5VP
    3. VP=2VE
    4. VE=3VP
  27. एक मनुष्य लिफ्ट में खड़ा है। लिफ्ट नियत त्वरण (constant acceleration) से ऊपर की ओर जा रही है तब मनुष्य का आभासी भार होगा—
    1. शून्य
    2. उसके वास्तविक भार से अधिक
    3. उसके वास्तविक भार के बराबर
    4. उसके वास्तविक भार से कम
  28. सूर्य से दो ग्रहों की दूरियाँ क्रमशः 1013 मीटर तथा 1012 मीटर है। इसके आवर्तकालों का अनुपात है:
    1. 10
    2. 1010
    3. 100
    4. 110
  29. एक नए ज्ञात हुए ग्रह का घनत्व पृथ्वी के घनत्व से दुगुना है। पृथ्वी और इस ग्रह के तलों पर गुरुत्वीय त्वरण का मान समान है। यदि पृथ्वी की त्रिज्या R मानी जाए, तो ग्रह की त्रिज्या का मान होगा:
    1. 14R
    2. 4R
    3. 2R
    4. 12R
  30. किसी द्रव्यमान m को पृथ्वी के पृष्ठ से ऊँचाई h जो पृथ्वी की त्रिज्या के बराबर है (h = R), तक ऊपर उठाने में किया गया कार्य है:
    1. 2mgR
    2. 32 mgR
    3. mgR
    4. 12 mgR
  31. एक उपग्रह, जिसका द्रव्यमान m है, पृथ्वी के पृष्ठ से h ऊँचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है। यदि पृथ्वी की त्रिज्या R है तथा उसके पृष्ठ पर गुरुत्वीय त्वरण का मान g0 है, तो उपग्रह की कुल ऊर्जा होगी:
    1. −mg0R22(R+h)
    2. 2mg0R2R+h
    3. mg0R22(R+h)
    4. −2mg0R2R+h
  32. पृथ्वी तथा चंद्रमा दोनों पर सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता है, सूर्य से प्रेक्षण करने पर चंद्रमा की कक्षा-
    1. दीर्घवृत्तीय नहीं होगी, परंतु आवश्यक रूप से एक बंद वक्र होगी।
    2. पूर्णरूप से दीर्घवृत्तीय नहीं होगी क्योंकि उस पर लगा कुल गुरुत्वाकर्षण बल केंद्रीय नहीं है।
    3. पृथ्वी के अतिरिक्त अन्य ग्रहों के प्रभाव के कारण दीर्घवृत्तीय से काफी भिन्न होगी।
    4. दीर्घवृत्तीय होगी।
  33. दो द्रव्यमानों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल होता है—
    1. द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती
    2. उनके बीच की दूरी के समानुपाती
    3. द्रव्यमानों के गुणनफल के व्युत्क्रमानुपाती
    4. उनके बीच की दूरी के वर्ग के समानुपाती
  34. पृथ्वी से प्रेक्षण करने पर सूर्य लगभग वृत्ताकार कक्षा में गति करता प्रतीत होता है। बुध जैसे किसी अन्य ग्रह की गति के लिए पृथ्वी से प्रेक्षण करने पर भी यह बात
    1. सत्य नहीं होगी क्योंकि बुध गुरुत्वाकर्षण बलों के अतिरिक्त अन्य बलों से भी प्रभावित होता है।
    2. सत्य नहीं होगी क्योंकि पृथ्वी एवं बुध के बीच बल व्युत्क्रम वर्ग नियम के अनुसार नहीं होता।
    3. सत्य नहीं होगी क्योंकि बुध पर प्रमुख गुरुत्वाकर्षण बल सूर्य के कारण है।
    4. इसी प्रकार सत्य होगी।
  35. पृथ्वी की त्रिज्या आधी हो जाए पर उसका द्रव्यमान नहीं बदले तो दिन होगा—
    1. 12 h का
    2. 4 h का
    3. 24 h का
    4. 6 h का
  36. पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रहों की आयु परिमित होती है तथा कभी-कभी उपग्रहों का कचरा पृथ्वी पर गिरता है। इसका कारण यह है कि-
    1. अन्य उपग्रहों से संघट्ट होता हैं।
    2. सौर सेल तथा बैटरियाँ समाप्त हो जाती हैं।
    3. श्यान बल उपग्रह की चाल को कम करते हैं और इस प्रकार उपग्रह की ऊँचाई धीरे-धीरे घटती है।
    4. गुरुत्वाकर्षण नियम भीतर की ओर सर्पिल प्रक्षेप का संकेत देता है।
  37. एक उपग्रह पृथ्वी से 120 किमी ऊँचाई पर चक्कर लगा रहा है। इससे एक गेंद छोड़ दी गयी तो गेंदः
    1. समान गति से उपग्रह के पथ के स्पर्शीय पथ पर चलेगी।
    2. उपग्रह के कक्षीय पथ में ही समान गति से चलेगी।
    3. अंतरिक्ष में दूर कहीं चली जाएगी।
    4. धरती पर धीरे-धीरे नीचे आएगी।
  38. दो वस्तुओं के बीच गुरुत्वाकर्षण बल F है। यदि उनके बीच की दूरी को घटाकर प्रारंभिक मान का आधा कर दिया जाए तो उनके बीच बल का मान अब हो जाएगा—
    1. F4
    2. 2F
    3. 3F
    4. 4F
  39. पृथ्वी की सूर्य से अधिकतम तथा न्यूनतम दूरी का मान r1 तथा r2 है। यदि पृथ्वी सूर्य के पथ के दीर्घअक्ष के लम्बवत् हो तो इसकी सूर्य से दूरी होगी-
    1. r1+r23
    2. r1+r2r1−r2
    3. 2r1r2r1+r2
    4. r1+r24
  40. द्रव्यमान का सूत्र g, R, G के रूप में होगा-
    1. gR2G
    2. GR2g
    3. GRg
    4. g2RG
  41. केप्लर का तृतीय नियम बताता है कि सूर्य के परितः किसी ग्रह (planet) के परिक्रमण काल के लिए —
    1. T ∝ r²
    2. T ∝ r
    3. T² ∝ r³
    4. T ∝ r3/4
  42. गुरुत्वीय त्वरण ‘g’—
    1. इनमें कोई भी उपयुक्त नहीं है
    2. पृथ्वी की सतह से ऊँचाई के साथ बढ़ता है
    3. पृथ्वी की सतह से ऊँचाई के साथ घटता है
    4. एक स्थान से दूसरे स्थान पर पृथ्वी की सतह के रूखड़ेपन (roughness) के कारण बदलता है
  43. ग्रह A पर गुरुत्वीय त्वरण का मान, ग्रह B पर गुरुत्वीय त्वरण के मान का 9 गुना है। एक व्यक्ति ग्रह A की सतह पर 2 m की ऊँचाई तक कूदता है। वही व्यक्ति ग्रह B पर कितनी ऊँचाई तक कूद सकेगा?
    1. 18 m
    2. 2/9 m
    3. 2/3 m
    4. 6 m
  44. पृथ्वी के पृष्ठ से 6RE (RE पृथ्वी की त्रिज्या है) ऊँचाई पर एक तुल्यकाली उपग्रह का आवर्तकाल 24h है। एक दूसरे उपग्रह का आवर्तकाल जिसकी पृष्ठ से ऊँचाई 2.5RE है, होगा:
    1. 62 h
    2. 122.5 h
    3. 242.5 h
    4. 122 h
  45. गुरुत्वाकर्षण बल निम्न में से किसके लिए आवश्यक है?
    1. संवहन
    2. द्रव को फेंटने की क्रिया
    3. चालन
    4. विकिरण
  46. एक उपग्रह A जिसका द्रव्यमान m है, पृथ्वी के केन्द्र से r दूरी पर है तथा दूसरा उपग्रह B जिसका द्रव्यमान 2m है, 2r दूरी पर है। इनके आवर्तकालों का अनुपात होगाः
    1. 1:32
    2. 1:22
    3. 1:2
    4. 1:16
  47. एक ऐसे नये ग्रह की कल्पना कीजिए, जिसका घनत्व पृथ्वी के बराबर लेकिन उसका आकार पृथ्वी से तीन गुना है। यदि पृथ्वी की सतह पर गुरुत्व जनित त्वरण का मान g है तथा नये ग्रह की सतह पर g’ है तबः
    1. g’ = 3g
    2. g’ = g/9
    3. g’ = 9g
    4. g’ = 27g
  48. दो अंतरिक्षयात्रियों का सम्पर्क अपने अंतरिक्ष यान से टूट जाता है और वे दोनों गुरुत्वाकर्षण विहीन अंतरिक्ष में तैरने लगते हैं। तो ये दोनों:
    1. अचल रहेंगे।
    2. एक-दूसरे से दूर जाएँगे।
    3. एक-दूसरे की ओर गति करेंगे।
    4. तैरते हुए इनके बीच की दूरी वही बनी रहेगी।
  49. यदि पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी वर्तमान दूरी के मान की आधी हो जाए तो उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल जिस गुणक (factor) से बढ़ जाएगा, वह है —
    1. 4
    2. 2
    3. 12
    4. 14
  50. पृथ्वी से किसी पिंड का पलायन वेग (escape velocity) है—
    1. समान, चाहे पिंड का द्रव्यमान कुछ भी हो
    2. भारी पिंडों के लिए अधिक
    3. हल्के पिंडों के लिए अधिक
    4. पिंड के द्रव्यमान के वर्ग के समानुपाती
  51. एक पिंड अनंत से पृथ्वी की ओर गिरता है। पृथ्वी को स्पर्श करने के पूर्व इसका वेग होगा (R = पृथ्वी की त्रिज्या तथा g = गुरुत्वीय त्वरण)—
    1. 4gR
    2. 2gR
    3. 2gR
    4. gR
  52. यदि पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूरब के बजाए पूरब से पश्चिम की ओर घूमना शुरू कर दे तो g का मान विषुवत रेखा पर—
    1. पूर्ववत रहेगा
    2. शून्य हो जाएगा
    3. बढ़ जाएगा
    4. घट जाएगा
  53. कोई तुल्यकाली उपग्रह पृथ्वी की सतह से 5R की ऊँचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है। यहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है। पृथ्वी की सतह से 2R की ऊँचाई पर परिक्रमा कर रहे दूसरे उपग्रह का आवर्तकाल घंटों में होगा:
    1. 5
    2. 62
    3. 10
    4. 62
  54. यदि किसी पिण्ड को सतह से पृथ्वी की त्रिज्या के बराबर ऊँचाई (h=R) तक फेंका जाता है, तो आवश्यक वेग होगा:
    1. (4GMR)1/2
    2. (8GMR)1/2
    3. (2GMR)1/2
    4. (GMR)1/2
  55. एक ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्तीय कक्षा में घूमता है। यदि T, V, E तथा L इसकी गतिज ऊर्जा, गुरुत्व स्थितिज ऊर्जा, कुल ऊर्जा तथा कोणीय संवेग को प्रदर्शित करते हों, तो कौन-सा कथन सत्य है?
    1. T संरक्षित रहता है।
    2. V हमेशा धनात्मक होता है।
    3. L संरक्षित रहता है परन्तु सदिश L की दिशा हमेशा बदलती रहती है।
    4. E हमेशा ऋणात्मक होता है।
  56. पृथ्वी के पृष्ठ पर किसी पिंड का पलायन वेग 11.2 km/s है। यदि उसी पिंड को 22.4 km/s के वेग से ऊपर की ओर प्रक्षेपित किया जाए, तो इस पिंड का वेग, पृथ्वी के केंद्र से अनंत दूरी पर होगा-
    1. 11.2 km/s
    2. 11.22 km/s
    3. शून्य
    4. 11.23 km/s
  57. यदि गुरुत्वाकर्षण बल 1/R के समानुपाती हो (1/R² के नहीं) जहाँ R दो वस्तुओं के बीच की दूरी हो, तो यदि वस्तु वृत्तीय पथ पर आर्बिटल वेग v से चलते, तो v समानुपाती होगा-
    1. 1/R
    2. R
    3. 1/R²
    4. R⁰
  58. एक उपग्रह T आवर्तकाल के साथ पृथ्वी तल के ठीक ऊपर की कक्षा में स्थापित किया जाता है। यदि पृथ्वी का घनत्व d तथा G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक हो, तो राशि 3πGd प्रदर्शित करती है:
    1. T3
    2. T
    3. T2
    4. T
  59. दो गोले जिनका द्रव्यमान m और M है वायु में स्थित हैं तथा इनके बीच गुरुत्वीय बल का मान F है। गोलों के चारों ओर के स्थान को अब एक द्रव्य से भर देते हैं जिसका आपेक्षिक घनत्व 3 है। तब गुरुत्वीय बल का मान होगाः
    1. F/9
    2. F/3
    3. 3F
    4. F
  60. जब 60 g द्रव्यमान वाली किसी वस्तु को किसी नियत बिन्दु पर रखा जाता है, तो यह 3.0 N के गुरुत्वीय बल का अनुभव करती है। इस बिन्दु पर गुरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता के परिमाण का मान होगा :
    1. 50 N/kg
    2. 0.05 N/kg
    3. 180 N/kg
    4. 20 N/kg
  61. यदि R पृथ्वी की त्रिज्या है और g पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण है। तब पृथ्वी का औसत घनत्व होगा:
    1. 3πR4gG
    2. 4πG3gR
    3. 3g4πRG
    4. πRG12g
  62. पृथ्वी सतह से पलायन वेग v है। समान द्रव्यमान घनत्व तथा पृथ्वी के त्रिज्या के चार गुना वाले दूसरे ग्रह के सतह से पलायन वेग होता है :
    1. 4v
    2. 2v
    3. 3v
    4. v
  63. m द्रव्यमान के एक कण को पृथ्वी की सतह से u वेग से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है। पृथ्वी का द्रव्यमान तथा त्रिज्या क्रमशः M एवं R है। G गुरुत्वीय नियतांक है तथा g पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण है। u का न्यूनतम मान ताकि कण पुनः पृथ्वी की सतह पर न लौटेः
    1. 2GMR
    2. 2gMR2
    3. 2GMR2
    4. 2gR2
  64. यदि ve पलायन वेग हो तथा पृथ्वी के निकट की कक्षा में परिक्रमण करते किसी उपग्रह का कक्षीय वेग vo हो, तो उनके बीच सम्बन्ध होगा:
    1. ve = 2vo
    2. vo = ve
    3. vo = 2ve
    4. ve = 2vo
  65. किसी गोलाकार ग्रह का द्रव्यमान Mp तथा व्यास Dp है। इसके पृष्ठ पर, स्वतंत्रतापूर्वक गिरते हुए m द्रव्यमान के कण के लिए गुरुत्वीय त्वरण का मान होगाः
    1. 4GMpDp2
    2. 4GMpmDp2
    3. GMpmDp2
    4. GMpDp2
  66. पृथ्वी के पृष्ठ से 1 km ऊँचाई पर गुरुत्वीय त्वरण का मान वही है जो पृथ्वी के भीतर d गहराई पर है, तो :
    1. d = 2 km
    2. d = 1 km
    3. d = 32 km
    4. d = 12 km
  67. पृथ्वी से पलायन वेग 11.2 km/s है। यदि एक वस्तु ऊर्ध्वाधर के साथ 45° कोण पर प्रक्षेपित की जानी हो, तो पलायन वेग होगाः
    1. 11.2 × 2 km/s
    2. 11.2 km/s
    3. 11.2 km/s
    4. 11.22 km/s
  68. ठोस गोले के केंद्र पर गुरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता (𝓔g) होती है—
    1. वही जो बाहरी सतह पर होती है
    2. अनंत
    3. शून्य
    4. इनमें कोई नहीं
  69. द्रव्यमान ‘m’ का एक कण पृथ्वी के पृष्ठ से 3R ऊँचाई पर विरामावस्था में रखा जाता है, जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या और ‘M’ पृथ्वी का द्रव्यमान है। न्यूनतम चाल जिससे इसे प्रक्षेपित किया जाना चाहिए ताकि यह वापस न आ सके है:
    1. (GM2R)1/2
    2. (2gR)1/2
    3. (gR4)1/2
    4. (GMR)1/2
  70. सूर्य के परवलीय पथ में परिक्रमा करते हुए किसी ग्रह की सूर्य से न्यूनतम दूरी r1 तथा अधिकतम दूरी r2 है। यदि इन स्थितियों में रेखीय वेग क्रमशः v1 तथा v2 हों, तो अनुपात v1v2 होगा:
    1. r1/r2
    2. (r2/r1)2
    3. r2/r1
    4. (r1/r2)2
  71. यदि सूर्य का द्रव्यमान 110 गुना हो तथा सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक परिमाण में 10 गुना हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा सही नहीं है?
    1. वर्षा की बूँदें धरती पर अधिक तेजी से गिरेंगी।
    2. पृथ्वी पर ‘g’ के मान में परिवर्तन नहीं होगा।
    3. धरती पर चलना अधिक कठिन हो जाएगा।
    4. पृथ्वी पर सरल लोलक का आवर्तकाल कम हो जाएगा।
  72. यदि चंद्रमा पृथ्वी के वर्तमान दूरी की आधी दूरी पर चक्कर लगाता तो चंद्र-मास (lunar month) की अवधि होगी लगभग—
    1. 56 दिनों की
    2. 14 दिनों की
    3. 28 दिनों की
    4. 10 दिनों की
  73. पृथ्वी के परितः घूमने वाले उपग्रह के लिए क्रमानुसार गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का अनुपात होगाः
    1. 2:1
    2. 12
    3. 12
    4. 2:1
  74. असत्य (गलत) विकल्प का चयन कीजिए-
    1. गुरुत्वीय द्रव्यमान तथा जड़त्वीय द्रव्यमान समान होने के कारण पृथ्वी पर सभी वस्तुओं के लिए गुरुत्वीय त्वरण समान होता है।
    2. प्रोटॉन जैसे कणों का गुरुत्वीय द्रव्यमान आस-पास के भारी पिंडों की उपस्थिति पर निर्भर कर सकता है जबकि जड़त्वीय द्रव्यमान ऐसा नहीं कर सकता।
    3. जड़त्वीय द्रव्यमान किसी बाह्य बल द्वारा किसी पिंड को त्वरित करने में कठिनाई की माप है जबकि गुरुत्वीय द्रव्यमान उस पर किसी बाह्य द्रव्यमान द्वारा गुरुत्वाकर्षण बल के निर्धारण में प्रासंगिक होता है।
    4. गुरुत्वीय द्रव्यमान तथा जड़त्वीय द्रव्यमान समान होते हैं यह एक प्रायोगिक परिणाम है।
  75. पृथ्वी की सतह पर पलायन वेग का मान 11.2 किमी/से है। किसी दूसरे ग्रह का पलायन वेग का मान क्या होगा यदि उसका द्रव्यमान पृथ्वी के समान तथा त्रिज्या का 1/4 हो?
    1. 44.8 किमी/से
    2. 22.4 किमी/से
    3. 5.6 किमी/से
    4. 11.2 किमी/से
  76. नियत त्वरण से नीचे की ओर जा रही लिफ्ट में खड़े एक मनुष्य का भार होगा—
    1. उसके वास्तविक भार के बराबर
    2. उसके वास्तविक भार से अधिक
    3. शून्य
    4. उसके वास्तविक भार से कम
  77. M द्रव्यमान का एक कण समान द्रव्यमान तथा a त्रिज्या के एक गोलीय कोश के केन्द्र पर स्थित है। केन्द्र से a/2 दूरी पर स्थित एक बिन्दु पर गुरुत्वीय विभव का परिमाण होगाः
    1. GMa
    2. 4GMa
    3. 2GMa
    4. 3GMa
  78. एक ग्रह A का सूर्य के चारों ओर घूमने का आवर्तकाल ग्रह B से 8 गुना है, तो सूर्य से A की दूरी B के सापेक्ष कितनी होगी?
    1. 5
    2. 3
    3. 4
    4. 2
  79. एक m द्रव्यमान का उपग्रह v वेग से पृथ्वी के चारों ओर वृत्तीय पथ पर गति करता है, तो उसकी कुल ऊर्जा होगी:
    1. (3/4)mv²
    2. (1/2)mv²
    3. mv²
    4. -(1/2)mv²
  80. दो वस्तुओं के बीच के आकर्षण-बल का व्यंजक F = Gm1m2r2 से दिया जाता है, जहाँ G—
    1. किसी ग्रह पर का एक नियतांक है
    2. गुरुत्वीय त्वरण है
    3. वस्तुओं के घनत्व का फलन है
    4. गुरुत्वाकर्षण नियतांक है
  81. पृथ्वी पर किसी वस्तु का भार 50 kg-wt है। एक घूमते हुए उपग्रह में इसका आभासी भार होगा—
    1. 50 kg-wt
    2. शून्य
    3. 50 kg-wt से अधिक
    4. 50 kg-wt से कम
  82. एक मनुष्य लिफ्ट के फर्श पर रखी तौलनेवाली मशीन पर बैठा है और मशीन का पाठ्यांक 50 kg है। यदि मशीन का पाठ्यांक 40 kg हो जाए तो लिफ्ट को है—
    1. ऊपर की ओर त्वरण
    2. नीचे की ओर एक नियत वेग
    3. ऊपर की ओर एक नियत वेग
    4. नीचे की ओर त्वरण
  83. कृष्ण विवर (ब्लैक होल) एक ऐसा पिण्ड है, जिसका गुरुत्वीय क्षेत्र इतना प्रबल होता है कि इसमें से प्रकाश भी बाहर नहीं निकल सकता। पृथ्वी को लगभग कितनी त्रिज्या तक संपीडित किया जाए कि वह कृष्ण विवर बन जाए? (पृथ्वी का द्रव्यमान = 5.98×1024 kg)
    1. 100 m
    2. 10−2 m
    3. 10−9 m
    4. 10−6 m
  84. यदि आकार में बिना किसी परिवर्तन के पृथ्वी का द्रव्यमान उसके अभी के मान से चौगुना हो जाए तो किसी वस्तु का पलायन वेग जिस गुणक (factor) से बढ़ जाएगा, वह है—
    1. 2
    2. 8
    3. 4
    4. 16
  85. एक ठोस m द्रव्यमान का पलायन वेग (G = गुरुत्वाकर्षण नियतांक, M = पृथ्वी का द्रव्यमान; R पृथ्वी की त्रिज्या) होगा:
    1. 2GM+RR
    2. 2GMmR
    3. GMR
    4. 2GMR
  86. पृथ्वी से h ऊँचाई पर इसके चारों ओर किसी वस्तु को जिस चाल से घूमना चाहिए, वह है—
    1. R2gR+h
    2. R+hg
    3. RgR+h
    4. Rhh
  87. दो वस्तुओं के बीच गुरुत्वाकर्षण बल निर्भर नहीं करता है—
    1. गुरुत्वाकर्षण नियतांक पर
    2. BK द्रव्यमानों के योग पर
    3. उनके बीच की दूरी पर
    4. उनके द्रव्यमानों के गुणनफल पर
  88. एक सुदूर संवेदी उपग्रह, पृथ्वी के पृष्ठ से 0.25 × 10⁶ m ऊँचाई पर, वृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी का चक्कर लगा रहा है। यदि पृथ्वी की त्रिज्या 6.38 × 10⁶ m है और g = 9.8 m s⁻² है, तो उपग्रह की कक्षीय चाल होगी:
    1. 9.13 km s⁻¹
    2. 7.76 km s⁻¹
    3. 8.56 km s⁻¹
    4. 6.67 km s⁻¹
  89. एक उपग्रह S, दीर्घवृत्तीय कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है। उपग्रह का द्रव्यमान, पृथ्वी के द्रव्यमान की तुलना में बहुत कम है, तोः
    1. पृथ्वी के केन्द्र के परितः, S के कोणीय संवेग की दिशा में परिवर्तन होता रहता है, किन्तु, इसका परिमाण समान रहता है।
    2. S का त्वरण सदैव पृथ्वी के केन्द्र की ओर होगा।
    3. S के रेखीय संवेग का परिमाण (मान) स्थिर रहता है।
    4. S की कुल यांत्रिक ऊर्जा का मान समय के साथ आवर्ती रूप में परिवर्तित होता रहता है।
  90. यदि पृथ्वी की त्रिज्या R तथा गुरुत्वीय त्वरण g हो, तो पृथ्वी की सतह से पलायन वेग होता है—
    1. Rg
    2. 2Rg
    3. 2Rg
    4. 2Rg
  91. समान द्रव्यमान m वाले दो कण R त्रिज्या के एक वृत्त के चारों ओर उनके परस्पर गुरुत्वाकर्षण बल की क्रिया के अंतर्गत गति करते हैं। प्रत्येक कण की चाल v है:
    1. 4GmR
    2. 12RGm
    3. GmR
    4. 12GmR
  92. एक लघु उपग्रह पृथ्वी के निकट चक्कर काट रहा है। इसके कक्षीय वेग का मान km s⁻¹ में लगभग है—
    1. 11.2
    2. 4.90
    3. 8
    4. 2.44
  93. वह ऊँचाई जिस पर किसी वस्तु का भार, पृथ्वी के पृष्ठ पर उसके भार का 1/16वाँ हो जायेगा, वह है: (यदि R पृथ्वी की त्रिज्या है।)
    1. 4R
    2. 3R
    3. 15 R
    4. 5R
  94. किसी पिण्ड का पृथ्वी के पृष्ठ पर भार 200 N है। पृथ्वी के केन्द्र की ओर आधी दूरी पर इसका भार कितना होगा?
    1. 150 N
    2. 200 N
    3. 100 N
    4. 250 N
  95. एक स्थिर लिफ्ट के छत से एक सरल लोलक लटकता है और प्रति मिनट 30 दोलन करता है। जब लिफ्ट नीचे की ओर गुरुत्वीय त्वरण के बराबर त्वरण से गतिशील हो, तो प्रति मिनट दोलनों की संख्या होगी—
    1. 20
    2. 0
    3. 10
    4. 30
  96. भूस्थिर उपग्रह (geostationary satellite) —
    1. पृथ्वी के ध्रुव से 36000 km की ऊँचाई पर स्थित रहता है
    2. पृथ्वी के किसी भी स्थान से ऊपर प्रतीत होनेवाला संचार उपग्रह है
    3. केवल विषुवत रेखा (equator) पर पड़नेवाले किसी स्थान से 36000 km की ऊँचाई पर होता है
    4. इनमें कोई नहीं
  97. m द्रव्यमान का एक उपग्रह, किसी M द्रव्यमान के ग्रह की परिक्रमा, r1 त्रिज्या की वृत्तीय कक्षा में कर रहा है। इसकी कक्षा की त्रिज्या को r2 करने के लिये (R₂ > R₁) उपग्रह को दी जाने वाली अतिरिक्त गतिज ऊर्जा होगी:
    1. GmM(1R12−1R22)
    2. 2GmM(1R1−1R2)
    3. GmM(1R1−1R2)
    4. 12GmM(1R1−1R2)
  98. द्रव्यमान m तथा 9m के दो पिण्ड एक दूसरे से R दूरी पर स्थित हैं। पिण्डों को मिलाने वाली रेखा पर, जहाँ गुरुत्वीय क्षेत्र शून्य है, गुरुत्वीय विभव होगा (G = गुरुत्वीय स्थिरांक):
    1. −8GmR
    2. −16GmR
    3. −12GmR
    4. −20GmR
  99. पृथ्वी के दो उपग्रह S1 तथा S2 एक ही कक्षा में घूम रहे हैं। S1 का द्रव्यमान, S2 के द्रव्यमान का चार गुना है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
    1. S1 का आवर्त्तकाल, S2 के आवर्त्तकाल से चार गुना है।
    2. दोनों उपग्रहों की गतिज ऊर्जाएँ समान हैं।
    3. दोनों उपग्रहों के लिए पृथ्वी और उपग्रह की स्थितिज ऊर्जाएँ बराबर हैं।
    4. S1 तथा S2 दोनों उपग्रह समान चाल से घूम रहे हैं।
  100. पृथ्वी एक गोले का सन्निकट रूप है। यदि इसके अभ्यंतर में हर स्थान पर एक समान घनत्व का द्रव्य नहीं है, तो पृथ्वी के पृष्ठ पर गुरुत्वीय त्वरण
    1. परिमाण में हर स्थान पर समान तथा केंद्र की ओर निर्दिष्ट होगा।
    2. का हर स्थान पर समान मान होगा परंतु केंद्र की ओर निर्दिष्ट नहीं होगा।
    3. किसी भी बिंदु पर शून्य नहीं हो सकता।
    4. केंद्र की ओर निर्दिष्ट होगा, परंतु हर स्थान पर समान नहीं होगा।

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